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चक्कर आने पर क्या करना चाहिए और कौन से टेस्ट कराने चाहिए

चक्कर आना एक आम अनुभव है जो कभी-कभी हम सभी को होता है। लेकिन, कभी-कभी चक्कर आना किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि चक्कर आना क्या है, इसके कारण क्या होते हैं, और कब आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

चक्कर आना क्या है?

चक्कर आना असल में दो अलग-अलग अनुभवों को बताने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है:

  • चक्कर आना (Lightheadedness): यह वह एहसास है कि आप बेहोश होने वाले हैं या कमजोर पड़ गए हैं।
  • वर्टिगो (Vertigo): यह एक ऐसा एहसास है कि आप घूम रहे हैं या घूम रहे हैं, या यह कि दुनिया आपके चारों ओर घूम रही है।

चक्कर आने के कारण

चक्कर आने के कई कारण हो सकते हैं, कुछ सामान्य कारणों में शामिल हैं:

  • निर्जलीकरण (Dehydration): शरीर में पानी की कमी से रक्तचाप कम हो सकता है, जिससे चक्कर आ सकता है।
  • रक्त शर्करा का निम्न होना (Low Blood Sugar): शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत रक्त शर्करा होता है। इसका स्तर कम होने से कमजोरी और चक्कर आ सकता है।
  • रक्तचाप में अचानक परिवर्तन (Sudden Changes in Blood Pressure): जल्दी उठने से, लंबे समय तक खड़े रहने से या कुछ दवाओं के सेवन से रक्तचाप में अचानक गिरावट आ सकती है, जिससे चक्कर आ सकता है।
  • कान का संक्रमण (Ear Infection): कान में संक्रमण आंतरिक कान को प्रभावित कर सकता है, जो संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस वजह से भी चक्कर आना संभव है।
  • माइग्रेन (Migraine): माइग्रेन के दौरे के दौरान चक्कर आना एक आम लक्षण है।
  • हृदय संबंधी समस्याएं (Heart Problems): कुछ हृदय संबंधी समस्याएं रक्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे चक्कर आ सकता है।
  • एनीमिया (Anemia): शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर सकती है, जिससे थकान और चक्कर आ सकता है।
  • तनाव और चिंता (Anxiety and Stress): तनाव और चिंता भी चक्कर आने का कारण बन सकते हैं।
  • गर्मी लगना (Heatstroke): अत्यधिक गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने से भी चक्कर आ सकता है।

चक्कर आने के साथ कौन से लक्षण चिंताजनक हैं?

कुछ लक्षणों के साथ चक्कर आना अधिक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। अगर आपको चक्कर आने के साथ नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण अनुभव हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • बोलने में परेशानी
  • चेहरे, हाथ या पैरों में कमजोरी या सुन्न होना
  • देखने में परेशानी (धुंधलापन, दोहरी दृष्टि)
  • तेज सिरदर्द
  • उल्टी
  • बेहोशी

चक्कर आने पर क्या करें?

अगर आपको कभी चक्कर आता है तो ये कुछ उपाय आजमा सकते हैं:

  • सुरक्षित जगह पर बैठ जाएं या लेट जाएं।
  • सिर को पैरों से नीचे रखें।
  • ढीले कपड़े पहनें, ताकि रक्त संचार बेहतर हो सके।
  • थोड़ा ठंडा पानी पिएं।
  • कुछ देर आराम करें।

चक्कर आने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर आपको बार-बार चक्कर आता है, चक्कर आने के साथ में अन्य गंभीर लक्षण हैं, या ये उपाय करने के बाद भी आपको आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। डॉक्टर आपको चक्कर आने के कारण का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट कर सकते हैं, जिनमें शामिल हो सकते हैं:

  • रक्त परीक्षण (Blood Tests): ये टेस्ट शरीर में रक्त शर्करा, रक्तचाप और रक्त संक्रमण की जांच करते हैं।
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG): यह टेस्ट हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है।
  • इलेक्ट्रोनिस्टागमोग्राफी (ENG): यह टेस्ट आंखों की गति को रिकॉर्ड करता है, जो संतुलन से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।

चक्कर आने का इलाज

चक्कर आने के इलाज का तरीका इसके कारण पर निर्भर करता है। कुछ आम उपचारों में शामिल हैं:

  • जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): अगर निर्जलीकरण या कम रक्त शर्करा चक्कर आने का कारण है, तो डॉक्टर आपको पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने और स्वस्थ आहार खाने की सलाह दे सकते हैं।
  • दवाएं (Medications): कुछ दवाएं रक्तचाप को नियंत्रित करने, रक्त शर्करा को संतुलित करने या कान के संक्रमण का इलाज करने में मदद कर सकती हैं।
  • भौतिक चिकित्सा (Physical Therapy): अगर चक्कर आने का कारण आंतरिक कान की समस्या है, तो भौतिक चिकित्सा संतुलन में सुधार करने में मदद कर सकती है।

चक्कर आने से कैसे बचें?

कुछ आदतों को अपनाकर आप चक्कर आने से बचाव कर सकते हैं:

  • पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएं: खासकर गर्मियों में या व्यायाम करने के बाद शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है।
  • नियमित रूप से भोजन करें: रक्त शर्करा को संतुलित रखने के लिए दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक भोजन करते रहें।
  • धीरे-धीरे उठें: सुबह बिस्तर से उठने से पहले या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद उठने से पहले कुछ देर के लिए करवट बदलते रहें।
  • शराब और कैफीन का सेवन सीमित करें: ये पदार्थ रक्तचाप को प्रभावित कर सकते हैं और चक्कर आने का खतरा बढ़ा सकते हैं।
  • गर्मी से बचाव करें: धूप में निकलने से बचें, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
  • तनाव प्रबंधन (Stress Management): योग, ध्यान या गहरी सांस लेने के व्यायाम तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।

निष्कर्ष

चक्कर आना एक आम समस्या है, लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अगर आपको बार-बार चक्कर आता है या चक्कर आने के साथ में अन्य गंभीर लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। जल्दी पता लगाने और इलाज से चक्कर आने की समस्या को दूर किया जा सकता है और आप एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।

Medihelp Hospital में संपर्क करें

अगर आपको चक्कर आने की समस्या है या इससे जुड़े कोई सवाल हैं, तो कृपया Medihelp Hospital में संपर्क करें। हमारे अनुभवी डॉक्टर आपका निदान करने और उपचार योजना बनाने में मदद करेंगे।

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Address: 117/K 22 Sarvodaya Nagar Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh
Call: 98398 00817

Disclaimer: इस ब्लॉग का उद्देश्य चिकित्सा सलाह देना नहीं है। चक्कर आने या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

Dr. Sangeeta Sengar

Dr. Sangeeta Sengar

Medihelp Hospital में डॉ. संगीता सेंगर एक अनुभवी ईएनटी विशेषज्ञ हैं। वह सुनने की हानि के उपचार में विशेषज्ञता रखती हैं और सुनने की समस्याओं वाले रोगियों को व्यापक देखभाल प्रदान करने के लिए जानी जाती हैं।

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