ENT
आवाज का बैठना या भारी होना (Hoarseness of Voice): वोकल कॉर्ड्स समस्याएं और इलाज

Key takeaways
- आवाज में 3 सप्ताह से अधिक का बदलाव या भारीपन कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
- टीचर्स, गायकों, वकीलों और जोर से बोलने वाले प्रोफेशनल्स में वोकल कॉर्ड नोड्यूल्स (Vocal Nodules) आम समस्या है।
- पेट का एसिड गले में ऊपर आना (LPR - लैरिंजोफैरिंजियल रिफ्लक्स) आवाज बैठने का एक बड़ा छिपा हुआ कारण है।
- मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर में वीडियो लैरिंजोस्कोपी (Video Laryngoscopy) द्वारा वोकल कॉर्ड्स की सटीक जांच की जाती है।
हमारी आवाज हमारी पहचान और संवाद का सबसे बड़ा माध्यम है। लेकिन कई बार बहुत ज्यादा बोलने के बाद, सर्दी-जुकाम के बाद या बिना किसी स्पष्ट कारण के आवाज अचानक भारी, फटी हुई या बिल्कुल फुसफुसाहट जैसी हो जाती है। इसे बोलचाल में 'गला बैठना' और मेडिकल भाषा में हॉर्सनेस ऑफ वॉयस (Hoarseness / Dysphonia) कहा जाता है।
डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ईएनटी एवं वॉयस स्पेशलिस्ट, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) बताती हैं कि गले के अंदर स्थित स्वर तंत्री (Vocal Cords) जब किसी सूजन, खिंचाव या गांठ के कारण आपस में पूरी तरह नहीं मिल पाती हैं, तो आवाज में कंपन बिगड़ जाता है।
आवाज बैठने (Hoarseness) के प्रमुख कारण
- आवाज का गलत या अत्यधिक इस्तेमाल (Vocal Abuse): लगातार चिल्लाना, बिना माइक के पढ़ाना या बहुत तेज गाना गाने से वोकल कॉर्ड्स पर गांठें (Vocal Nodules / Singer's Nodes) या छाले (Polyp) बन जाते हैं।
- एसिड रिफ्लक्स (LPR - Silent Reflux): पेट का तेजाब जब रात में गले तक पहुंचता है तो वोकल कॉर्ड्स में जलन और सूजन पैदा कर देता है।
- धूम्रपान और तंबाकू का सेवन: सिगरेट, बीड़ी या गुटखे का धुआं वोकल कॉर्ड्स की झिल्ली को मोटा कर देता है।
- एक्यूट लैरिंजाइटिस (Acute Laryngitis): वायरल फ्लू या गले के संक्रमण के कारण आवाज बैठना।
- वोकल कॉर्ड पैरालिसिस (Vocal Cord Paralysis): थायरॉइड सर्जरी, वायरल अटैक या नसों की कमजोरी से एक तरफ की वोकल कॉर्ड का काम न करना।
- गले का कैंसर (Laryngeal Cancer): 40 वर्ष से अधिक उम्र के धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में 3 हफ्ते से ज्यादा आवाज बैठना कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
वोकल कॉर्ड्स की आधुनिक जांच: वीडियो लैरिंजोस्कोपी
मेडी हेल्प हॉस्पिटल में डॉ. संगीता सेंगर द्वारा एक पतले, दर्द रहित एंडोस्कोप (Video Laryngoscope) की मदद से वोकल कॉर्ड्स का लाइव वीडियो देखा जाता है। इससे पता चल जाता है कि कोई गांठ, सिस्ट, सूजन या ट्यूमर तो नहीं है।
आवाज विकारों का संपूर्ण उपचार
1. संपूर्ण वॉयस रेस्ट (Complete Vocal Rest)
कुछ दिनों के लिए जोर से बोलने से बचना और फुसफुसाने से भी परहेज करना (फुसफुसाने से वोकल कॉर्ड्स पर और अधिक तनाव पड़ता है)।
2. स्पीच एवं वॉयस थेरेपी (Voice Therapy)
बोलने के सही तरीके, सांस लेने के व्यायाम और पिच कंट्रोल की ट्रेनिंग जिससे नोड्यूल्स बिना सर्जरी के अपने आप घुल जाते हैं।
3. माइक्रो-लैरिंजियल सर्जरी (MLS / Phonosurgery)
यदि वोकल कॉर्ड पर बड़ा पॉलिप या सिस्ट बन गया है, तो ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और लेजर की सहायता से उसे बहुत ही सूक्ष्मता से निकाल दिया जाता है, जिससे आवाज दोबारा स्पष्ट हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: गला बैठने पर क्या फुसफुसाकर (Whisper) बात करनी चाहिए?
नहीं। फुसफुसाने से वोकल कॉर्ड्स पर सामान्य बोलने से भी ज्यादा दबाव पड़ता है। इसके बजाय शांत रहें या धीमी, सहज आवाज में बोलें।
Q2: ईएनटी डॉक्टर को कब तुरंत दिखाना चाहिए?
यदि आवाज 3 हफ्ते से ज्यादा समय से खराब हो, थूक में खून आए या निगलने व सांस लेने में तकलीफ हो, तो बिना देर किए जांच कराएं।



