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ENT · September 14, 2026 · 10 min read

कान में सीटी और सनसनाहट की आवाज (Tinnitus): कारण, खतरे और ENT उपचार

By Dr. Sangeeta Sengar

Tinnitus and ear ringing consultation by Dr. Sangeeta Sengar in Kanpur

Key takeaways

  • टिनिटस कोई स्वतंत्र बीमारी नहीं बल्कि कान या सुनने वाली नस (Auditory Nerve) के विकार का लक्षण है।
  • ईयरफोन और हेडफोन का तेज आवाज में लगातार इस्तेमाल टिनिटस और हियरिंग लॉस का सबसे बड़ा कारण बन रहा है।
  • हाई ब्लड प्रेशर, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, तनाव और अनिद्रा कान में आवाज आने की समस्या को बढ़ा सकते हैं।
  • मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर में प्योर टोन ऑडियोमेट्री (PTA) और आधुनिक न्यूरो-ओटोलॉजी प्रोटोकॉल से इसका सटीक इलाज उपलब्ध है।

रात के सन्नाटे में जब आप सोने जाते हैं, तो क्या आपके कानों में लगातार सीटी (Whistling), घंटी बजने (Ringing), हवा के चलने (Whooshing) या झींगुर जैसी सनसनाहट की आवाज सुनाई देती है? यदि हाँ, तो आप टिनिटस (Tinnitus / कान में आवाज आना) से ग्रसित हो सकते हैं। कानपुर जैसे व्यस्त शहर में ध्वनि प्रदूषण, लगातार ईयरफोन का उपयोग और तनाव के कारण टिनिटस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ENT एवं न्यूरो-ओटोलॉजी विशेषज्ञ, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) बताती हैं कि टिनिटस के कारण मरीज का ध्यान भटकने लगता है, नींद नहीं आती और मानसिक तनाव बढ़ जाता है। समय पर सही ईएनटी जांच से इसका कारण पहचानकर इलाज किया जा सकता है।

टिनिटस (कान में आवाज आने) के मुख्य कारण

  • अंदरूनी कान की नसों की कमजोरी (Sensory Nerve Damage): उम्र बढ़ने के साथ या तेज आवाज के संपर्क में रहने से कॉक्लिया (Cochlea) की सूक्ष्म नसों को नुकसान पहुंचता है।
  • ईयरफोन और लाउड म्यूजिक का अत्यधिक उपयोग: लंबे समय तक 60% से अधिक वॉल्यूम पर ईयरबड्स लगाने से सुनने की क्षमता कमजोर होने लगती है और टिनिटस शुरू होता है।
  • कान में मैल या बाहरी वस्तु का जमना: सख्त वैक्स जब कान के पर्दे पर दबाव डालता है तो अजीब आवाजें आने लगती हैं।
  • हाई ब्लड प्रेशर और वैस्कुलर समस्याएं: धमनियों में रक्त का तेज बहाव कान के पास धड़कन जैसी आवाज (Pulsatile Tinnitus) पैदा करता है।
  • गर्दन व जबड़े की समस्याएं: सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या TMJ जॉइंट की परेशानी से भी कान में आवाजें महसूस हो सकती हैं।

टिनिटस की जरूरी जांचें

मेडी हेल्प हॉस्पिटल, कानपुर में सटीक निदान के लिए आधुनिक जांचें की जाती हैं:

  1. प्योर टोन ऑडियोमेट्री (Pure Tone Audiometry - PTA): यह विशेष हियरिंग टेस्ट बताता है कि मरीज को किस फ्रीक्वेंसी पर आवाजें कम सुनाई दे रही हैं।
  2. टिम्पैनोमेट्री (Tympanometry): कान के पर्दे और मध्य कान के दबाव की जांच।
  3. ओटो-माइक्रोस्कोपी (Otomicroscopy): पर्दे और कान की नली की विस्तृत जांच।

टिनिटस का आधुनिक उपचार और राहत के उपाय

1. नसों को ताकत देने वाली दवाएं (Neuro-Protective Medications)

अंदरूनी कान में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने और नसों की सूजन कम करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा लक्षित दवाएं दी जाती हैं।

2. साउंड थेरेपी और मास्किंग (Sound Therapy)

सफेद शोर (White Noise) या शांत संगीत की मदद से दिमाग का ध्यान कान की सीटी से हटाया जाता है, जिससे नींद और एकाग्रता में सुधार होता है।

3. हियरिंग एड (Hearing Aid with Tinnitus Masker)

यदि टिनिटस के साथ सुनने की क्षमता भी कम हो गई है, तो आधुनिक डिजिटल हियरिंग एड आवाज को साफ करने के साथ-साथ टिनिटस को पूरी तरह दबा देता है।

डॉ. संगीता सेंगर की सलाह

  • ईयरफोन का इस्तेमाल 60-60 नियम के तहत करें (60% वॉल्यूम और अधिकतम 60 मिनट)।
  • चाय, कॉफी, तंबाकू और नमक का अत्यधिक सेवन कम करें।
  • तनावमुक्त रहें और रोजाना 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या टिनिटस से इंसान पूरी तरह बहरा हो सकता है?
नहीं, टिनिटस सीधे बहरापन नहीं करता, लेकिन यह अंदरूनी नस की कमजोरी का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसकी तुरंत जांच जरूरी है।

Q2: क्या घरेलू तेल डालने से टिनिटस ठीक हो सकता है?
बिल्कुल नहीं। टिनिटस अंदरूनी कान या नसों की समस्या है, बाहरी तेल डालने से केवल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ेगा।