ENT · September 14, 2026 · 11 min read
नाक में मांस बढ़ना (Nasal Polyps): लक्षण, एलर्जी के प्रभाव और FESS सर्जरी
By Dr. Sangeeta Sengar

Key takeaways
- नेजल पॉलिप्स नाक और साइनस की परत पर बनने वाले अंगूर के गुच्छे जैसे नरम, गैर-कैंसर युक्त उभार होते हैं।
- सूंघने की क्षमता (Smell) पूरी तरह चले जाना और लगातार नाक बंद रहना पॉलिप्स का प्रमुख लक्षण है।
- कानपुर के धूल-धुएं और क्रॉनिक एलर्जी के मरीजों में पॉलिप्स विकसित होने की संभावना अधिक होती है।
- FESS (Functional Endoscopic Sinus Surgery) से बिना किसी चीरे या टांके के पॉलिप्स को जड़ से साफ किया जाता है।
क्या आपको ऐसा लगता है कि आपकी नाक के अंदर कुछ मांस जैसा बढ़ गया है जो सांस लेने में भारी रुकावट पैदा कर रहा है? क्या आपकी सूंघने और खाने के स्वाद को पहचानने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है? इसे मेडिकल भाषा में नेजल पॉलिप्स (Nasal Polyps / नाक में मांस बढ़ना) कहा जाता है।
डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ENT सर्जन, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) के अनुसार, नेजल पॉलिप्स कोई कैंसर या खतरनाक ट्यूमर नहीं हैं, बल्कि यह लंबे समय तक रहने वाली एलर्जी और साइनस इन्फेक्शन के कारण नाक की झिल्ली में आने वाली सूजन के नरम गुच्छे होते हैं।
नेजल पॉलिप्स (Nasal Polyps) के मुख्य लक्षण
- लगातार गंभीर नाक बंद रहना: दोनों तरफ से सांस लेने में भारी परेशानी जो सामान्य दवाओं से ठीक नहीं होती।
- सूंघने की शक्ति का जाना (Loss of Smell & Taste): मरीज किसी भी गंध या परफ्यूम को सूंघ नहीं पाता।
- नाक से लगातार गाढ़ा पानी या बलगम गिरना (Post-Nasal Drip): बलगम गले के पीछे गिरता रहता है जिससे खांसी आती है।
- चेहरे और माथे पर भारी दबाव व दर्द: साइनस की रुकावट से भारीपन बना रहता है।
- सोते समय तेज खर्राटे और दम घुटना: मुंह से सांस लेने की मजबूरी।
नेजल पॉलिप्स क्यों बनते हैं?
लंबे समय तक रहने वाली धूल-मिट्टी की एलर्जी (Allergic Rhinitis), क्रॉनिक साइनोसाइटिस, एस्पिरिन सेंसिटिविटी या फंगल साइनस इन्फेक्शन के कारण नाक की श्लेष्मा झिल्ली सूजकर लटक जाती है और धीरे-धीरे पॉलिप्स का रूप ले लेती है।
नेजल पॉलिप्स की आधुनिक जांच व इलाज
मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर में डायग्नोस्टिक नेजल एंडोस्कोपी (DNE) और CT Scan PNS द्वारा पॉलिप्स के आकार और फैलाव का सटीक पता लगाया जाता है।
1. मेडिकल मैनेजमेंट
शुरुआती और छोटे पॉलिप्स को स्टेरॉयड नेजल स्प्रे और एंटी-एलर्जिक दवाओं से सिकोड़ने का प्रयास किया जाता है।
2. FESS सर्जरी (Functional Endoscopic Sinus Surgery)
जब पॉलिप्स बड़े हो जाते हैं और सांस का रास्ता पूरी तरह बंद कर देते हैं, तो FESS सर्जरी सबसे सटीक और आधुनिक समाधान है।
- यह सर्जरी माइक्रो-डिब्राइडर और एचडी एंडोस्कोप द्वारा बिना किसी बाहरी चीरे के की जाती है।
- पॉलिप्स को साइनस की जड़ों से साफ करके प्राकृतिक ड्रेनेज मार्ग को खोल दिया जाता है।
- मरीज को उसी दिन या अगले दिन छुट्टी मिल जाती है और सूंघने की शक्ति वापस लौटने लगती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या सर्जरी के बाद नेजल पॉलिप्स दोबारा बढ़ सकते हैं?
एलर्जी की प्रकृति के कारण कुछ मामलों में दोबारा होने की संभावना रहती है। लेकिन सर्जरी के बाद नियमित एंटी-एलर्जी स्प्रे और सेलाइन वॉश के उपयोग से इसे दोबारा होने से 90% तक रोका जा सकता है।
Q2: क्या FESS सर्जरी में चेहरे पर कोई निशान आता है?
बिल्कुल नहीं। यह पूरी तरह से नाक के प्राकृतिक छेदों के जरिए एंडोस्कोप से की जाने वाली स्कारलेस (निशान रहित) सर्जरी है।
