ENT · September 14, 2026 · 11 min read
गले में गांठ या सूजन (Neck Lumps & Thyroid): कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
By Dr. Sangeeta Sengar

Key takeaways
- गले में किसी भी नई गांठ (Neck Lump) या सूजन को कभी नजरअंदाज न करें; समय पर जांच से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
- गले के सामने के निचले हिस्से में सूजन आमतौर पर थायरॉइड ग्रंथि (Goitre / Thyroid Nodule) की वजह से होती है।
- गले के किनारों की गिल्टियां लिम्फ नोड्स (इन्फेक्शन, टीबी या मेटास्टेसिस) की सूजन हो सकती हैं।
- मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर में हाई-रिजॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड और FNAC (Fine Needle Aspiration Cytology) से सटीक डायग्नोसिस उपलब्ध है।
आईने में देखते समय या नहाते वक्त क्या आपने अपनी गर्दन में कोई असामान्य उभार, गांठ या गिल्टी (Neck Lump) महसूस की है? गले में गांठ होना किसी भी व्यक्ति के लिए स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय बन जाता है। अच्छी बात यह है कि अधिकांश गले की गांठें गैर-कैंसर युक्त (Benign) और आसानी से ठीक होने वाली होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर संक्रमण, टीबी या शुरुआती ट्यूमर का संकेत भी हो सकती हैं।
डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ENT एवं हेड-नेक सर्जन, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) यहाँ समझा रही हैं कि गले की विभिन्न गांठों के क्या कारण होते हैं और कब तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
गले में गांठ (Neck Swelling) के प्रमुख कारण
1. बढ़े हुए लिम्फ नोड्स (Cervical Lymphadenopathy)
गर्दन में सैकड़ों छोटे लिम्फ नोड्स होते हैं। जब दांत, गले, टॉन्सिल या कान में कोई बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन होता है, तो ये लिम्फ नोड्स सूजकर दर्द करने लगते हैं। भारत में लिम्फ नोड टीबी (Tuberculous Lymphadenitis) भी गिल्टियों का एक बड़ा कारण है।
2. थायरॉइड ग्रंथि की सूजन (Thyroid Nodules & Goitre)
गर्दन के सामने और निचले हिस्से में तितली के आकार की थायरॉइड ग्रंथि होती है। जब इसमें कोई गांठ बन जाती है, तो वह थूक निगलते समय ऊपर-नीचे हिलती है।
3. जन्मजात सिस्ट (Congenital Cysts)
थायरोग्लोसल सिस्ट या ब्रैंकियल सिस्ट जैसी गांठें जन्म से मौजूद होती हैं जो युवाओं में धीरे-धीरे उभरती हैं।
4. लार ग्रंथि की सूजन (Salivary Gland Tumors / Stones)
जबड़े के नीचे या कान के पास स्थित लार ग्रंथियों में पथरी या गांठ बनना।
5. हेड एंड नेक ट्यूमर (Head & Neck Malignancies)
यदि कोई गांठ बिना किसी दर्द के हफ्तों से लगातार बढ़ रही हो, सख्त हो और हिल न रही हो, तो यह कैंसर का लक्षण हो सकती है।
⚠️ खतरे के संकेत (Red Flag Symptoms): तुरंत डॉक्टर को दिखाएं:
- गांठ का आकार 3 हफ्तों से ज्यादा समय से बढ़ रहा हो।
- गांठ पत्थर जैसी सख्त हो और छूने पर हिले नहीं।
- गांठ के साथ आवाज में भारीपन या बदलाव आ गया हो।
- खाना निगलने या सांस लेने में तकलीफ हो रही हो।
- बिना किसी कारण के वजन गिरना और रात में पसीना आना।
सटीक जांच और डायग्नोस्टिक सुविधाएं
मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर में आधुनिक प्रोटोकॉल के तहत जांचें की जाती हैं:
- अल्ट्रासाउंड नेक (Ultrasound Neck): यह बताता है कि गांठ ठोस (Solid) है या पानी से भरी (Cystic)।
- FNAC (Fine Needle Aspiration Cytology): एक बहुत ही बारीक सुई से गांठ में से कुछ कोशिकाएं निकालकर माइक्रोस्कोप के नीचे जांच की जाती है, जिससे 100% पुष्टि होती है कि गांठ इन्फेक्शन है, टीबी है या ट्यूमर।
- थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट (TSH, Free T3, Free T4): थायरॉइड हार्मोन के स्तर की जांच।
उपचार के विकल्प
इन्फेक्शन के मामलों में एंटीबायोटिक या एंटी-टीबी दवाएं दी जाती हैं। थायरॉइड नोड्यूल्स या बड़े सिस्ट के मामलों में डॉ. संगीता सेंगर द्वारा सुरक्षित थायरॉइडेक्टोमी या सिस्ट एक्सीजन सर्जरी की जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या गले की हर गांठ कैंसर होती है?
बिल्कुल नहीं। 90% से अधिक गले की गांठें सामान्य इन्फेक्शन, टीबी, सिस्ट या सौम्य थायरॉइड नोड्यूल्स होती हैं जो पूरी तरह ठीक हो जाती हैं।
Q2: क्या FNAC टेस्ट में तेज दर्द होता है?
नहीं, यह सामान्य इंजेक्शन लगने जैसा मामूली दर्द होता है और इसमें किसी चीरे या टांके की जरूरत नहीं होती।
