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ENT · September 14, 2026 · 9 min read

नकसीर फूटना (Nosebleeds): नाक से अचानक खून आने के कारण, फर्स्ट एड और इलाज

By Dr. Sangeeta Sengar

Nosebleed first aid and ENT management by Dr. Sangeeta Sengar in Kanpur

Key takeaways

  • नकसीर आने पर सिर पीछे कभी न झुकाएं; इससे खून पेट या सांस की नली में जा सकता है।
  • सही फर्स्ट एड: आगे झुकें और नाक के दोनों नथुनों के मुलायम हिस्से को अंगूठे और उंगली से 10 मिनट तक दबाकर रखें।
  • बच्चों में नाक कुरेदना और बड़ों में हाई ब्लड प्रेशर नकसीर के सबसे सामान्य कारण हैं।
  • मेडी हेल्प हॉस्पिटल में एंडोस्कोपिक कॉटरी (Cauterization) द्वारा बार-बार होने वाली ब्लीडिंग को स्थायी रूप से रोका जाता है।

गर्मियों के मौसम में या सर्दियों की शुष्क हवा में अचानक नाक से खून बहने लगना—जिसे आम बोलचाल में 'नकसीर फूटना' और मेडिकल भाषा में एपिस्टैक्सिस (Epistaxis / Nosebleed) कहा जाता है—काफी आम और घबराहट पैदा करने वाली स्थिति है। बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या विशेष रूप से अधिक देखी जाती है।

डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ENT सर्जन, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) बताती हैं कि नाक के अंदर की परत बहुत पतली होती है और इसमें रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) का एक घना जाल होता है, जिसे Little's Area (Kiesselbach's Plexus) कहा जाता है। मामूली खरोंच या सूखापन आने पर ये नसें आसानी से फट जाती हैं।

नाक से खून आने (नकसीर) के मुख्य कारण

  • सूखापन और मौसम का प्रभाव: अत्यधिक गर्मी, लू या एसी व हीटर की सूखी हवा से नाक की झिल्ली पपड़ीदार होकर फट जाती है।
  • नाक में उंगली डालना (Nose Picking): विशेषकर बच्चों में नाखून लगने से नसें चोटिल हो जाती हैं।
  • हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension): वयस्कों और बुजुर्गों में अचानक बीपी बढ़ जाने से नाक की नाजुक नसें फटकर ब्लीडिंग शुरू कर देती हैं।
  • दवाइयों का असर: खून पतला करने वाली दवाइयां (जैसे Aspirin, Clopidogrel) लेने वाले मरीजों में नकसीर का जोखिम ज्यादा होता है।
  • नाक में ट्यूमर या पॉलिप्स: बार-बार केवल एक ही तरफ से खून आना किसी रसौली या एंजियोफाइब्रोमा का संकेत हो सकता है।

नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें? (First Aid Steps)

  1. शांत रहें और आगे झुकें: मरीज को सीधा बैठाएं और सिर को थोड़ा आगे की तरफ झुकाएं (सिर पीछे कभी न करें)।
  2. नाक को जोर से दबाएं (Pinch the Nose): अंगूठे और पहली उंगली से नाक के निचले मुलायम हिस्से को लगातार 10 मिनट तक कसकर दबाकर रखें।
  3. मुंह से सांस लें: इस दौरान मुंह से सांस लें और मुंह में आने वाले खून को थूक दें, निगलें नहीं।
  4. बर्फ की सिकाई: नाक की हड्डी और माथे पर बर्फ की थैली रखने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और ब्लीडिंग जल्दी रुकती है।

ईएनटी अस्पताल कब जाना जरूरी है?

  • यदि 15-20 मिनट लगातार दबाने के बाद भी खून बहना बंद न हो।
  • यदि खून बहुत तेज गति से बह रहा हो और मरीज को चक्कर या बेहोशी आने लगे।
  • यदि नकसीर बार-बार फूट रही हो।

मेडी हेल्प हॉस्पिटल में नकसीर का आधुनिक उपचार

डॉ. संगीता सेंगर नाक के अंदर एंडोस्कोपी करके ब्लीडिंग का सटीक बिंदु ढूंढती हैं और आधुनिक केमिकल या बाइपोलर कॉटरी (Bipolar Cauterization) द्वारा उस नस को सील कर देती हैं। इससे बार-बार खून बहने की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या नकसीर आने पर सिर पर ठंडा पानी डालना चाहिए?
माथे और नाक पर बर्फ या ठंडा कपड़ा रखना मददगार है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण कदम नाक को 10 मिनट तक दबाकर रखना है।

Q2: क्या नकसीर से बचाव के लिए कोई नेजल ड्रॉप है?
सूखेपन से बचने के लिए सेलाइन नेजल स्प्रे (Saline Spray) या लिक्विड पैराफिन की बूंदें नाक में डालने से परत नम रहती है और नकसीर नहीं फूटती।