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ENT · September 14, 2026 · 10 min read

खर्राटे और स्लीप एप्निया (Sleep Apnea): क्या यह खतरनाक है? ENT जांच और समाधान

By Dr. Sangeeta Sengar

Snoring and sleep apnea consultation by Dr. Sangeeta Sengar in Kanpur

Key takeaways

  • तेज खर्राटे केवल गहरी नींद की निशानी नहीं, बल्कि ऊपरी सांस नली में गंभीर रुकावट का संकेत हैं।
  • OSA (ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया) में नींद के दौरान मरीज की सांस 10-30 सेकंड के लिए बार-बार रुक जाती है।
  • स्लीप एप्निया से हाई ब्लड प्रेशर, दिल का दौरा, टाइप-2 डायबिटीज और दिन में थकान का खतरा तेजी से बढ़ता है।
  • बढ़े हुए टॉन्सिल, टेढ़ी नाक (DNS), और लंबे तालू (Uvula) की ईएनटी सर्जरी द्वारा खर्राटों का स्थायी समाधान संभव है।

भारतीय समाज में अक्सर खर्राटों (Snoring) को बहुत गहरी और सुकून भरी नींद का प्रतीक माना जाता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान में स्थिति इसके ठीक विपरीत है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से बहुत तेज खर्राटे लेता है और रात में अचानक सांस टूटने या दम घुटने से उसकी नींद खुल जाती है, तो यह ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (Obstructive Sleep Apnea - OSA) नामक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

डॉ. संगीता सेंगर (वरिष्ठ ENT सर्जन, मेडी हेल्प हॉस्पिटल कानपुर) बताती हैं कि जब सोते समय गले और नाक की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं, तो हवा का रास्ता संकरा हो जाता है। हवा के घर्षण से ऊतकों में कंपन पैदा होता है, जिससे खर्राटों की तेज आवाज आती है।

स्लीप एप्निया (OSA) के चेतावनी भरे लक्षण

  • रात में बहुत तेज और लगातार खर्राटे लेना।
  • नींद में अचानक सांस का रुक जाना (जो अक्सर साथ सोने वाले साथी को महसूस होता है)।
  • सुबह उठने पर सिर में भारीपन और मुंह का बहुत सूखा होना।
  • रातभर सोने के बाद भी दिनभर अत्यधिक सुस्ती, थकान और काम के दौरान झपकी आना।
  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन, याददाश्त कमजोर होना और डिप्रेशन महसूस होना।

खर्राटों के मुख्य ईएनटी (ENT) कारण

  1. नाक में रुकावट: नाक की टेढ़ी हड्डी (DNS), नेजल पॉलिप्स या एलर्जिक सूजन।
  2. गले में रुकावट: बहुत बड़े टॉन्सिल्स (Enlarged Tonsils), लंबा व मोटा कौआ (Elongated Uvula), या मुलायम तालू का लटकना।
  3. मोटापा और गर्दन की चर्बी: गर्दन के चारों तरफ अतिरिक्त फैट जमा होने से सांस की नली पर दबाव पड़ता है।

स्लीप एप्निया से होने वाले गंभीर खतरे

यदि स्लीप एप्निया का समय पर इलाज न किया जाए तो शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बार-बार गिरता है, जिससे:

  • अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension)
  • दिल का दौरा (Heart Attack) और अनियमित धड़कन (Arrhythmia)
  • ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
  • दिन में गाड़ी चलाते समय झपकी आने से सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम

मेडी हेल्प हॉस्पिटल में जांच और आधुनिक समाधान

1. स्लीप स्टडी (Polysomnography) व वीडियो स्लीप एंडोस्कोपी (DISE)

यह पता लगाने के लिए कि नींद में सांस की नली किस स्तर पर ब्लॉक हो रही है।

2. मिनिमली इनवेसिव ईएनटी सर्जरी

यदि रुकावट नाक या गले की संरचना से है, तो कोबलेशन टॉन्सिलेक्टोमी, UPPP (Uvulopalatopharyngoplasty) या सेप्टोप्लास्टी द्वारा सांस के रास्ते को चौड़ा कर दिया जाता है।

3. CPAP मशीन व लाइफस्टाइल बदलाव

वजन कम करना, अल्कोहल छोड़ना और आवश्यकतानुसार सोते समय CPAP मास्क का उपयोग करना।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: क्या वजन कम करने से खर्राटे बंद हो सकते हैं?
हाँ, 5-10% वजन कम करने से गले की चर्बी घटती है और खर्राटों में उल्लेखनीय कमी आती है।

Q2: खर्राटों के लिए ईएनटी डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
यदि खर्राटों के साथ दिन में नींद आती हो या रात में सांस अटकती हो, तो तुरंत ईएनटी परामर्श लें।